Saturday, October 12, 2013

भरकुआ रामलीला: शूर्पनखा काण्ड

भरकुआ रामलीला: शूर्पनखा काण्ड
स्पष्टीकरण: इस कहानी के सारे पत्र एवं सारी घटनाएं रामलीला से inspired हैं और इसमें दिखाई गयी घटना कभी कभी हो जाती हैं... रामलीला एक लोक-कला है और इसका उद्देश्य लोगों का मनोरंजन है और ये कहानी भी उसी तरह की एक मनोरंजन घटना के बारे में है... इसका धर्म या लोगों की धार्मिक भावना से कोई सम्बन्ध नहीं है और न ही किसी की धार्मिक भावना को आहात करने की मंशा है |  
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रामलीला किसी तरह से चल रही थी | इस बार शूर्पनखा का रोल करने के लिए हनुमान की बहन आई हुई थी जो बहुत ही खूबसूरत थी और लक्ष्मण शुरू से ही उससे बात करने की कोशिश कर रहा था लेकिन हनुमान के डर से कर नहीं पा रहा था |
दृश्य: शूर्पनखा राम और लक्ष्मण से विवाह करने का प्रस्ताव रखती है.... पहले वो राम के पास गयी.... शूर्पनखा थोड़ा ज्यादा ही खूबसूरत थी... राम ने किसी तरह दिल पर पत्थर रखकर ना बोला... वो थोड़ा professional कलाकार था.... पर लक्ष्मण से कण्ट्रोल (control) नहीं हुआ.... 
शूर्पनखा लक्ष्मण से: “हे प्रियतम ! मैं जन्म-जन्मान्तर से आपकी आस में बैठी हुई हूँ.. कब से आपसे मिलने के लिए तड़प रही हूँ... इस दुनिया में आपसे अच्छा पति मुझे कोई मिल ही नहीं सकता... कृपा करके आप मुझसे विवाह कर लीजिये.....”
लक्ष्मण के होश उड़ गए... उसे उम्मीद नहीं थी की शूर्पनखा कभी उससे बात भी करेगी... उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था... उसने पूरी मर्दानगी से बोला: “बस जानेमन ! हमारा दिल कहता था की हम दोनों में कोई connection है.... तैयार तो हम उसी दिन से थे जब तुम रामलीला में काम करने आई थी... बस हमें इसी दिन का इंतज़ार था... मां भवानी की कसम, जिस दिन से तुम यहाँ आई हो, उस दिन से हम सो नहीं पाए हैं...... हर वक़्त हर जगह बस तुम ही तुम दिखाई देती हो.....” बोलते-बोलते उसने शूर्पनखा का हाथ पकड़ लिया |
शूर्पनखा को मामला समझ में नहीं आया, वो अपने dialogues बोलती रही: मैंने जब से राम के बारे में आपसे सुना है, तभी से मैंने आपको अपना पति मान लिया है... मैंने ठान लिया है की अगर शादी करुँगी तो आप ही से नहीं तो suicide कर लूंगी |
लक्ष्मण ने पहली बार जिंदगी में किसी से राम की बड़ाई सुनी थी... उसे बहुत आश्चर्य हुआ.. खैर उसने जल्दी से राम को thank you बोला....
तब तक में शूर्पनखा को मामला समझ में आ गया... उसने लक्ष्मण से अपना हाथ छुड़ाते हुए बोला: ये क्या है ? हाथ क्यों पकड़े हो ? हाथ पकड़ने के लिए permission लेना चाहिए न.. किसके permission से हाथ पकड़ लिए.... तुमको पता है न कि मेरा भाई कौन है... जल्दी से छोडो हाथ !!
राम ने लक्ष्मण को धीरे से बोला बोला: बेटा ! ये हनुमान की बहन है... उसे पता चलेगा तो तुझे हर जगह बजरंग बलि दिखाई देंगे |
लक्ष्मण पूरे जोश में था: जिसको आना है आ जाए... आज हम अपने दिल की बात कर के ही रहेंगे....
चारो तरफ से भीड़ चिल्ला रही थी.... कर दे लक्ष्मण... शूर्पनखा को propose कर दे, इससे अच्छा मौका तुझे और कोई नहीं मिलेगा..... लक्ष्मण भी चने के झाड़ पर चढ़ गया... अपने गले की माला से गेंदा का एक फूल निकाला और propose करने के लिए घुटने के बल झुका...... भीड़ चिल्ला रही थी.... कर दे लक्ष्मण... शूर्पनखा को propose कर दे.....
हनुमान स्टेज के पीछे रावण के साथ बीड़ी पी रहा था, कि तभी उसे ये बात सुनाई पड़ी और वो अपना गदा लेकर दौड़ता हुआ स्टेज पर आ गया.... हनुमान को लक्ष्मण की बुरी नजर के बारे में पहले से ही पता था.. वो एक मौका भी खोज रहा था....
शूर्पनखा की बहुत चाहत थी की उसे कोई propose करे... उसके भाई के डर से कोई उसके आस-पास भी नहीं आता था... और फिर इतनी भीड़ के सामने propose होने का एक अलग ही मजा था.... वह ख्यालों में खोयी हुई थी कि उसे स्टेज पर हनुमान आता हुआ दिखाई दिया... उसने तपाक से बोला: अगर हाथ पकड़ना ही चाहते हो तो भैया आ रहे हैं, उनसे permission ले लो... फिर हमलोग साथ में सिनेमा देखने भी चलेंगे....
हनुमान ने आते ही पीछे से लक्ष्मण को एक गदा मारा... उस वक़्त लक्ष्मण propose करने के लिए बस झुका ही था... लक्ष्मण दूर लुढ़क गया... हनुमान ने उसकी धुलाई शुरू कर दी.... उसकी सारी मर्दानगी गायब हो गयी...
तब तक में director आ गया... अरे कोई लक्ष्मण को बचाओ... रावण जल्दी जाओ....
रावण हनुमान का लंगोटिया यार था... वो लक्ष्मण को बचा कैसे सकता था.... न वो खुद स्टेज पर गया और न ही किसी को जाने दे रहा था....
रामलीला रंगा-रंग कार्यक्रम बन गया था... लक्ष्मण पिट रहा था... रावण मस्ती ले रहा था... उसका भाई अंगद जो पर्दा गिराता था उसने भी पर्दा नहीं गिराया..... सूर्पनखा अपना career बचाने और खुद को innocent दिखाने के लिए अपना dialogues “as-it-is” बोले जा रही थी.... राम स्टेज से कूदकर भाग गया.... भीड़ पूरे जोश में और मारो और मारो चिल्ला रही थी.... director ने किसी तरह से पर्दा गिराकर तमाशा बंद किया |
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बोलो वीर हनुमान की जय !! रामलीला वाले हनुमान की जय !!  

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