Saturday, April 11, 2009

भरकुआ रामायण १

मेरे गाँव में रामलीला शुरू हुई| इस बार का Director बहुत होशियार था और टीवी में काम कर चूका था तो उसे चलते फिरते दृश्य काफी अच्छे लगते थे|

गाँव की इस रामलीला में उसे एक करतब करने का मन सूझा...उसने सोचा की इस बार असली का हनुमान लक्ष्मण को बचाने के लिए हवा में उड़ता हुआ जडी-बूटियां लाएगा..

हनुमान बड़ा मुस्टंड था और उसकी किसी से भी नहीं बनती थी पर कोई बेचारा करे भी तो क्या director भी उससे डरता था कही २-४ हाथ लगा दिया की नानी याद आ जायेगी..

दृश्य: लक्ष्मण मूर्छित है और हनुमान जडी-बूटियाँ लाने जा रहा है..उसके हाथ और पैरों में रस्सियाँ बंधी हैं और उसे बांस के सहारे ऊपर ही ऊपर खींचा जा रहा है जिससे दर्शको को लगे की वो उड़ रहा है...

जो बन्दा रस्सी खींचने वाला था हनुमान उसे बराबर पीटता रहता था सो उसे लगा की अगर वो रस्सी बीच में ही काट देता है तो जनम जनम का बदला वसूल लेगा :) सो जैसे ही हनुमान मंच के बीच में पंहुचा उसने ब्लेड से रस्सी काट दी....हनुमान सीधा राम और लक्ष्मण के बीच में जा गिरा......... मंच पर सभी अचम्भे में कि ये क्या हो गया...राम ने सोचा की स्थिति को सम्हाल लिया जाए सो वो लगातार चिल्लाता रहा हनुमाना जल्दी आओ जडी-बूटी लाओ..इधर हनुमान ही गिरा असली का कराह रहा था...उसका परा सातवे आसमान पर आ गया..और वो शुरू हो गया....साले.... राम... नौटंकी...... जल्दी उठाओ नहीं तो अभी आकर बजा दूंगा ......| राम को भी हनुमान से बदला लेना था सो वो जान-बुझकर हा लक्ष्मण हा लक्ष्मण करता रहा...और इधर हनुमान भी मर गया... बाप रे ......कोई है ...........जल्दी आओ......चिल्लाता रहा | हकीकत में सभी अपना अपना बदला चुका रहे थे...| मंच हाथ से जा चूका था....| अब director ने जल्दी से पर्दा खींचने वाले को कहा (पर्दा खीचने वाला रामलीला में भारत बना हुआ था)......रे भारत जल्दी से पर्दा खींचो नहीं तो बदनामी हो जायेगी.....भारत भी खार खाया हुआ था उसने गलती से आगे वाला पर्दा गिराने क जगह पीछे का उठा दिया....पीछे रावण और सीता साथ में बैठकर बीडी पे रहे थे.... |

डीम-डीम-डीम-डीम ही ही ही |

बोलो वीर हनुमान की जय !!! रामलीला वाले हनुमान कि जय !!!!

2 comments:

  1. wha!! kya daarshaya hai bharat ki ram lila ko....

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  2. खतरनाक वर्णन किया है.......भाई साब...मजा आ गया!

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